विट्ठलराव लक्ष्मण

विट्ठलराव लक्ष्मण

Bipinladhava

विट्ठलराव लक्ष्मण 

जन्म 1 दिसंबर 1912 माथेरण जिला रायगढ़ महाराष्ट्र 

बलिदान 2 जनवरी 1943 

"वीर भाई कोतवाल"  एक महान युवा स्वतंत्रता संग्रामी व समाज सुधारक ।।

श्री विट्ठलराव लक्ष्मण कोतवाल,  जिन्होंने अपने  निर्भीक व तेजस्वी व्यक्तित्व के कारण "वीर भाई कोतवाल" नाम से राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में अपनी पहिचान स्थापित की ।
 
वीर भाई कोतवाल का जन्म 1 दिसंबर 1912 को महाराष्ट्र राज्य के माथेरण ( जिला रायगढ़) में एक नंद क्षत्रिय परिवार में हुआ था। 

वीर कोतवाल जी एक प्रखर छात्र थे और मैट्रिक परीक्षा में पुणे जिला में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बाद उन्होंने एक वकील ( एडवोकेट ) के रूप में स्वयं को स्थापित किया ।



वीर विट्ठल जी ने गरीब बच्चों की शिक्षा हेतु 42 स्कूलों को स्थापित किया । जमींदारों के भारी - भरकम कर्ज से गरीब किसानों को हेतु 'अनाज बैंक' की स्थापना की।

अपने राजनैतिक कैरियर के रूप में माथेरण  नगर परिषद के चुनाव को जीतकर परिषद उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए । वीर विट्ठल जी के जीवन में आपकी मौसी गौरीताई हल्दे व उनके दो पुत्रों हल्दे भाइयों, पत्नि इन्दु तिरूलापुरकर,  पुत्र भरत व पुत्री जाग्रति का भी योगदान रहा ।

महात्मा गाँधी जी के 'भारत छोड़ो' आन्दोलन से प्रभावित हो स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय होते हुए अनेकों बार अंग्रेज सरकार को क्षति पहुँचाई। थाणे में एक समानान्तर सरकार चलाने के साथ "कोतवाल दस्ता" नामक क्रांतिकारी दल बनाया,  इन सभी से परेशान अंग्रेज सरकार ने उन्हें इनामी अपराधी घोषित करते हुए अधिकारी  आर. हल को नियुक्त किया । बाद में जमींदारों के विश्वासघात से सिद्धिगढ़ में अपने आजाद 'कोतवाल दस्ता' के साथियों के साथ अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए यह वीर योद्धा 2 जनवरी 1943 'शहीद' हो गया। 

शत शत नमन जय जवान जय हिंद
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