कैप्टन बबरुभान यादव

कैप्टन बबरुभान यादव

Bipinladhava

कैप्टन बबरुभान यादव 

जन्म 14 सितंबर 1928 मृत्यु 23 जनवरी 2010

भारतीय नौ सेना के प्रथम महावीर चक्र से सम्मानित केमोडोर (कैप्टन) बबरुभान यादव भान यादव का जन्म 14 सितंबर 1928 को रेवाड़ी जिले के भाडावास गांव में हुआ था। उनके पिताजी मेजर भगवान सिंह यादव, एमबीई ने भी दोनों विश्व युध्द में हिस्सा लिया था। कमोडोर बबरू भान यादव, इंटरमीडियेट की परीक्षा बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय और बीएससी की परीक्षा सेंट स्टीफ न कॉलेज दिल्ली से 1947 में पास किया।

कैप्टन बबरुभान यादव को 1971 के भारत पाक युध्द में उनके अपूर्व शौर्य के लिए भारतीय नौ सेना का प्रथम महावीर चक्र मिला था। रेवाड़ी जिला के गांव भाड़ावास में जन्मे कैप्टन बबरुभान यादव भारतीय नौ सेना के एक युध्द पोत डिविजन के दल नायक थे। चार-पांच दिसंबर 1971 की मध्यरात्रि में शत्रु के कराची तट पर विध्वंसात्मक धावे के आदेश दिए गए थे। उस दौरान कैप्टन यादव ने दिलेरी से काम लेते हुए शत्रु के दो विध्वंसक जल पोतों व एक माइन कीपर को समुद्र में डुबो दिया और एक देवीय शक्ति की तरह मौत के मुख से सुरक्षित लौटे थे।



कुछ समय बीमार रहने के बाद कैप्टन यादव ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में 23 जनवरी 2010 की रात को अंतिम सांस ली। कैप्टन यादव के निधन पर एनसीआर भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन मेजर डॉ.टीसी राव सहित अन्य सैनिकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। उनकी अंतिम यात्रा में पूर्व सैनिकों सहित लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ा। मेजर राव ने कैप्टन यादव के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि कैप्टन यादव जैसे महानसैनिक को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उनके निधन के बाद पूरे एनसीआर व उनके गांव भाड़ावास में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार मिलते ही लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन मेजर टीसी राव, कमांडर बीडी यादव, कर्नल हरिसिंह, कर्नल उमराव सिंह, चौधरी कुलदीप सिंह ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पितकर उन्हें अपने श्रध्दासुमन अर्पित किए। दिवंगत वीर सैनिक कैप्टन यादव के गांव भाड़ावास निवासी ऑरनरी कैप्टन सुमेर सिंह यादव ने कहा कि कैप्टन बबरुभान में देशभक्ति के भाव कूट-कूट कर भरे थे। उनकी वीरता के किस्से आज भी गांव में और बाहर के सैनिकों में मिसाल के तौर पर सुने जाते हैं।

जय जवान जय हिन्द जय हिन्द की सेना !
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