4 दिसंबर 1971 की रात !

4 दिसंबर 1971 की रात !

Bipinladhava


4 दिसंबर 1971 की रात !

पाकिस्तानी सेना की टैंक रेजिमेंट अपने 58 टैंक, 2000 सैनिकों के साथ भारतीय सीमा में करीब 16 किमी अंदर घुस आई थी।



वहां लोंगेवाला पोस्ट पर पंजाब रेजीमेंट की 23 वीं बटालियन के ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी अपने 120 साथियों के साथ तैनात थे।

आर्टिलरी व एयर सपोर्ट आने तक 120 भारतीय जवान पूरी रात मोर्चे पर डटे रहे और उनमें तीन शहीद हुए। जबकि पाकिस्तान के 500 सैनिक मारे गए थे।

सुबह करीब पांच बजे भारतीय वायु सेना के परिदृश्य में आते ही पाकिस्तानी सेना में भगदड़ मच गई। भारतीय वायु सेना के हंटर विमान ने पाकिस्तानी टैंक रेजिमेंट की धज्जियां उड़ा दी और 58 में से 52 टैंक ध्वस्त कर दिए और बाकि बचे छह टैंकों को कब्जे में लिया गया। भारतीय वायु सेना के हंटर विमान पाकिस्तानी सेना के लिए खौफ का पर्याय बन गये थे। लोंगेवाला पोस्ट को पाकिस्तानी सेना के टैंकों का कब्रगाह कहा जाता है।



चौदह दिनों तक चली इस लड़ाई को फोर्टिन डेज़ वार के नाम से भी जाना जाता है। युद्ध के अंत में पाकिस्तान के 2000 सैनिकों में ज्यादातर मारे गए, कुछ घायल हो गए और बाकि बचे वापस भाग गए। ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी को अभूतपूर्व साहस और प्रेरणादायक नेतृत्व के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

जय जवान जय हिन्द !
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